नरसिंहपुर, पचमढ़ी में बाढ़ के हालात, पन्‍ना, भिंड, विदिशा, रायसेन समेत आठ जिलों भारी बारिश का रेड अलर्ट

16
Flood situation in Narsinghpur, Pachmarhi, red alert for heavy rains in eight districts including Panna, Bhind, Vidisha, Raisen

 

भोपाल। प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिर बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान नरसिंहपुर, पचमढ़ी एवं उमरिया में भारी बारिश होने से वहां बाढ़ के हालात बन गए हैं। उधर, उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बना अवदाब का क्षेत्र कुछ कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। वर्तमान में यह मौसम प्रणाली उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर सक्रिय है। मानसून द्रोणिका भी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से होकर कम दबाव के क्षेत्र से छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन दो मौसम प्रणालियों के असर से शुक्रवार-शनिवार को भोपाल, सागर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, इंदौर उज्जैन संभाग के जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। शेष संभाग के जिलों में भी हल्की वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों में पन्‍ना, दमोह, निवाड़ी, दतिया, भिंड, मुरैना, विदिशा और रायसेन जिले में अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सीहोर, नर्मदापुरम, अशोकनगर, शिवपुरी, नरसिंहपुर, सागर, छतरपुर एवं टीकमगढ़ जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी किया है।

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक नरसिंहपुर में 176, पचमढ़ी 124.4, उमरिया में 107.8, सिवनी में 103.6, दतिया में 86.8, खजुराहो में 72, रीवा में 68, जबलपुर में 61.8, सागर में 54.8, रायसेन में 51, नौगांव में 49.8, टीकमगढ़ में 46, नर्मदापुरम में 45.8, छिंदवाड़ा में 43.4, ग्वालियर में 40.2, सतना में 37.7, मलाजखंड में 30.6, दमोह में 28, मंडला में 24.2, शिवपुरी में 19, बैतूल में 18.4, भोपाल में 15, खंडवा में चार, गुना में 3.8, सीधी में 2.6, इंदौर में 2.4, उज्जैन में 1.2, धार में 0.5 मिलीमीटर बारिश हुई। राजगढ़ में बूंदाबांदी हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम-उत्तर दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। इसके दक्षिणी उत्तर प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से लगातार नमी मिल रही है। इस वजह से मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। रुक-रुककर बारिश होने का सिलसिला अभी तीन दिन तक बना रह सकता है।