
पहले चुनाव में यहां बीजेपी के जितेंद्र डागा (In photo)ने करीब 37 प्रतिशत मत हासिल कर अपने निकटतम निर्दलीय प्रतिद्वंदी को लगभग 17 हजार मतों से शिकस्त दी..खास बात यह कि हुजूर के पहले चुनाव में बीजेपी के ही तीन नेताओं के बीच मुकाबला हुआ..इसमें दो भगवानदास सबनानी Bhagwan Das Sabnani व भागीरथ पाटीदार बागी के तौर पर मैदान में उतरे..बावजूद इसके यहां कांग्रेस के राजेंद्र मीणा Rajendra Meena तीसरे स्थान पर रहे..उन्हें सिर्फ 21 प्रतिशत वोट मिल सके…
बाद के दो चुनाव यानी 2013 व 2018 में यहां बीजेपी,कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा…2013 के चुनाव में बीजेपी के रामेश्वर शर्मा (in Photo) Rameshwar Sharmaने कांग्रेस के राजेंद्र मंडलोई को करीब 60 हजार से 2018 के चुनाव में इसी दल के नरेश ज्ञानचंदानी को लगभग 16 हजार मतों से पराजित किया…
क्षेत्र विकास की बात करें तो बीते कुछ वर्षों में यहां विकास कार्यों की मानो झड़ी लग गई.. 222 करोड़ रु.लागत के कोलार में सिक्स लेन मार्ग का निर्माण, 165 करोड़ रुपए की लागत से कोलार में ही सीवेज सुधार,200 करोड रुपए लागत की ग्रामीण पेयजल योजना,करीब 5 सौ करोड़ रु की नई सड़कों का जाल,कोलार की पेयजल समस्या का निराकरण,कोलार को नई तहसील का दर्जा मिलना,इनडोर स्टेडियम,नया कॉलेज,शाला भवनों का उन्नयन,मुक्तिधाम,पंचायत स्तर पर गौशालाओं का निर्माण,गांवों तक सार्वजनिक परिवहन सेवा ,ओवर ब्रिज आदि ऐसे अनेक कार्य हैं..जिन्होंने मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा को और अधिक लोकप्रिय बनाया.. विधानसभा में सबसे अधिक समय तक प्रोटेम स्पीकर रहने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है…