MP assembly election 2023: बीजेपी की सुरक्षित सीट मानी जाती है भोपाल की हुजूर विधानसभा

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रवि अवस्थी,भोपाल। राजधानी भोपाल को बीजेपी के प्रभाव वाला जिला कहा जाता है..इसकी अधिकांश विधानसभा सीटों पर लंबे समय से कमल खिलता रहा है..एक समय था जब भोपाल में सिर्फ चार विधानसभा सीटें हुआ करती थीं..2008 के बाद तीन और सीटें नई बनीं..इनमें एक है,हुजूर विधानसभा क्षेत्र..यथा नाम तथा गुण ..

अब तक हुए तीन चुनाव में यहां सिर्फ बीजेपी को ही सफलता मिली है..पहला चुनाव युवा नेता जितेंद्र मन्नू डागा तो बीते दो बार के चुनाव हिंदूवादी छवि की नेता रामेश्वर शर्मा ने बहुमत से जीते..

हुजूर को भाजपा के लिए सुरक्षित सीट माना जाता है…लेकिन 2023 के चुनाव में क्या होंगे इस सीट के सियासी समीकरण,यह जानने से पहले एक नजर हुजूर सीट के पुराने चुनावी इतिहास पर..

बीते कुछ दशकों के दौरान राजधानी भोपाल का चहुं और विस्तार हुआ है…इनमें कोलार,उपनगर बैरागढ़,नीलबड सहित अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं..इसे देखते हुए 2008 के परिसीमन में इन कस्बा व 185 गांवों को मिलाकर हुजूर विधानसभा अस्तित्व में आई।

पहले चुनाव में यहां बीजेपी के जितेंद्र डागा (In photo)ने करीब 37 प्रतिशत मत हासिल कर अपने निकटतम निर्दलीय प्रतिद्वंदी को लगभग 17 हजार मतों से शिकस्त दी..खास बात यह कि हुजूर के पहले चुनाव में बीजेपी के ही तीन नेताओं के बीच मुकाबला हुआ..इसमें दो भगवानदास सबनानी Bhagwan Das Sabnani व भागीरथ पाटीदार बागी के तौर पर मैदान में उतरे..बावजूद इसके यहां कांग्रेस के राजेंद्र मीणा Rajendra Meena  तीसरे स्थान पर रहे..उन्हें सिर्फ 21 प्रतिशत वोट मिल सके…बाद के दो चुनाव यानी 2013 व 2018 में यहां बीजेपी,कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा…2013 के चुनाव में बीजेपी के रामेश्वर शर्मा (in Photo) Rameshwar Sharmaने कांग्रेस के राजेंद्र मंडलोई को करीब 60 हजार से 2018 के चुनाव में इसी दल के नरेश ज्ञानचंदानी को लगभग 16 हजार मतों से पराजित किया…

बीते साढ़े चार सालों में हुजूर के बीजेपी विधायक रामेश्वर और मजबूत बनकर उभरे…. महापौर पद के ​पिछले चुनाव में ही हुजूर विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी को करीब 53 हजार मतों की लीड मिली थी,वह भी तब जबकि इस क्षेत्र में नगर निगम के सिर्फ 12 वार्ड ही हैं…


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हुजूर सीट के अब तक के परिणाम
वर्ष  -निर्वाचित प्रत्याशी -पार्टी -जीत का मार्जिन
 2008 -जितेंद्र डागा – बीजेपी –  17 हजार
 2013 -रामेश्वर शर्मा -बीजेपी –  60 हजार
 2018- रामेश्वर शर्मा- बीजेपी –  16 हजार
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हुजूर के जातिगत समीकरण Equation पर नजर डालें तो 3 लाख 48 हजार 786 मतदाता वाली इस सीट पर सर्वाधिक एक लाख संख्या सामान्य वर्ग (General)के मतदाताओं की है..वहीं सिंधी (Sindhi)58 से 60 हजार ,अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (ST)वर्ग के मतदाता 30 से 32 हजार,मीणा एवं अन्य ओबीसी (OBC) 20 से 22 हजार एवं  मुस्लिम वोटर 35 से 40 हजार अनुमानित हैं..मतदाताओं का एक बडा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों(Rural area) में बसता है..और अब तक के तीनों चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं Voters की ही जीत.हार में भूमिका अहम रही है…

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कुल मतदाता      3 लाख 48 हजार 786
 सामान्य वोटर     करीब 1 लाख
 अजा,अजजा      30 से 32 हजार
 मीणा                20 से 22 हजार
 मुस्लिम             35 से 40 हजार
 सिंधी                58 से 60 हजार

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विकास कार्यों की झड़ी 

क्षेत्र विकास की बात करें तो बीते कुछ वर्षों में यहां विकास कार्यों की मानो झड़ी लग गई.. 222 करोड़ रु.लागत के कोलार में सिक्स लेन मार्ग का निर्माण, 165 करोड़ रुपए की लागत से कोलार में ही सीवेज सुधार,200 करोड रुपए लागत की ग्रामीण पेयजल योजना,करीब 5 सौ करोड़ रु की नई सड़कों का जाल,कोलार की पेयजल समस्या का निराकरण,कोलार को नई तहसील का दर्जा मिलना,इनडोर स्टेडियम,नया कॉलेज,शाला भवनों का उन्नयन,मुक्तिधाम,पंचायत स्तर पर गौशालाओं का निर्माण,गांवों तक सार्वजनिक परिवहन सेवा ,ओवर ब्रिज आदि ऐसे अनेक कार्य हैं..जिन्होंने मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा को और अधिक लोकप्रिय बनाया.. विधानसभा में सबसे अधिक समय तक प्रोटेम स्पीकर रहने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है…