आइए जानते है पाइनएप्पल डाइट के नुकसान

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वजन कम करने के लिए कई तरह के डाइट प्लान होते हैं। कोई किटो डाइट फॉलो करता है तो कोई इंटरमिटेंट फास्टिंग और कोई पाइनएप्पल डाइट का सहारा लेता हैं। इन सभी डाइट प्लान के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। इसलिए सलाह दी जाती है कि कभी भी कोई डाइट को फॉलो करने की सोच रहे हैं तो न्यूट्रिशनिस्ट  की मदद जरूर लें। हम यहां पर बात करेंगे पाइनएप्पल डाइट की जिससे वजन तो तेजी से कम होता है, लेकिन इसके अपने कई नुकसान होते हैं। जिसकी जानकारी न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में दी है।
 
पाइनएप्पल खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है। इसलिए लोग इस डाइट को फॉलो करने में ज्यादा रूचि दिखाते हैं। पाइनएप्पल डाइट शरीर में एक्सेस बॉडी फैट को घटाने का दावा करता है।  इसमें पूरे दिन आपको सिर्फ अनानास का सेवन करना होता है। आप इसे कितनी मात्रा में खाते हैं वो आपकी भूख पर डिमेंड करता है। मात्रा पर किसी तरह की प्रतिबंध नहीं होता है।

न्यूट्रिशनिस्ट की मानें तो पाइनएप्पल डाइट को बस दो से तीन दिन तक फॉलो करना चाहिए। नहीं तो इससे सेहत को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। र्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, कुपोषण समेत आंतों की सामान्य कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती हैं।
 
न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने बताया कि पाइनएप्पल डाइट लेने से सारा दिन आपको ज्यादा भूख का एहसास होगा। आप थके हुए और चिड़चिड़े महसूस करेंगे। पाइनएप्पल काफी एसिडिक होता है जो पेट को परेशान कर सकता है। आपको उल्टी या फिर डायरिया की भी शिकायत हो सकती है। इसके साइड इफेक्ट में चक्कर आना, सिरदर्द, बेहोशी, अनिद्रा, कमजोरी और भूख के कारण दर्द हो सकता है।
 
अनानास में ब्रोमेलैन एंजाइम काफी मात्रा में पाया जाता है। जिसकी वजह से त्वचा पर चकत्ते, उल्टी, दस्त और पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती हैं।
 
पाइनएप्पल में शरीर के पोषक पहुंचाने वाले सारे तत्व नहीं होते हैं। अनानास के एक कप मात्रा में एक ग्राम से भी कम प्रोटीन और फैट होता है। जिसकी वजह से शरीर को पोषक तत्वों की कमी हो सकती हैं

न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत वजन कम करने वालों को एडवाइज करती हैं कि अगर वजन कम करना चाहते हैं तो शुगरी ड्रिंक्स, अल्ट्रा-प्रॉसेस्ड फूड्स के सेवन को कम करें। इसके अलावा कम कैलोरी के फूड डाइट में शामिल करें।