‘कोई ब्रह्मा नहीं है, हमको सस्‍पेंड करा दें, मेरी रोटी यहीं से नहीं चलती…’ अटल जयंती पर विधायक पर भड़कीं प्रधानाध्‍यापिका

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 प्रयागराज 

प्रयागराज के नैनी में अटल जयंती पर एक प्रधानाध्‍यापिका करछना के विधायक पीयूष रंजन निषाद पर भड़क गईं। इसकी शिकायत वीडियो सहित बीएसए के पास पहंची जिस पर बीएसए ने प्रधानाध्‍यापिका को सस्‍पेंड कर दिया। वीडियो में प्रधानाध्‍यापिका, बिना उन्‍हें सूचना दिए कार्यक्रम कराए जाने पर बुरी तरह नाराज दिख रही हैं। इस दौरान वह यह कहती दिख रही हैं कि 'कोई ब्रह्मा नहीं है। हमको सस्‍पेंड करा दें। हमारी जान नहीं ले लेंगे। हमारी रोटी यहीं से नहीं चलती है।' हालांकि 'लाइव हिन्‍दुस्‍तान' इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

वीडियो में दिख रहा है कि विधायक और उनके समर्थकों द्वारा जब उन्‍हें यह समझाने का प्रयास किया जाता है कि आयोजन स्‍थल स्‍कूल ही नहीं पंचायत भवन का भी प्रांगण है तो प्रधानाध्‍यापिका कहती हैं कि यह कैंपस जितना पंचायत भवन का है उतना ही स्‍कूला का भी है। मैं प्रिंसिपल हूं यहां की। मुझे एक सूचना तक नहीं है। क्‍या मेरा कोई औचि‍त्‍य नहीं है? मेरा कोई अस्तित्‍व नहीं है?  मुझे बस एक सूचना चाहिए थी कि मेरे कैंपस में कार्यक्रम हो रहा है। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोग उन्‍हें समझाने का प्रयास करते हैं तो प्रधानाध्‍यापिका कहती हैं कि मैं गलत नहीं हूं। इस बातचीत के दौरान एक शख्‍स गुस्‍से में आ जाता है तो प्रधानाध्‍यापिका उसे सख्‍त लहजे में चेतावनी देते हुए भी नज़र आती हैं।  

हुआ क्‍या था? 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर संविलियन विद्यालय अरैल स्थित पंचायत भवन पर  सुशासन दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप है कि इसी दौरान स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कल्पना त्यागी करछना के विधायक पीयूष रंजन निषाद से उलझ गईं। प्रधानाध्यापिका ने उनकी अनुमति के बगैर स्कूल खोलकर कार्यक्रम करने पर आपत्ति जताई। विधायक ने इस अनुशासहीनता की सूचना बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी को फोन पर दी और वीडियो भी भेजा।

क्‍या बोले बीएसए

जिसके बाद बीएसए ने वीडियो काल के माध्यम से उक्त घटना की पुष्टि की और जनप्रतिनिधि के साथ अभद्रता व दुर्व्यहार करने पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया। बीएसए के मुताबिक प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने न केवल सरकारी कार्यक्रम में बाधा डाली बल्कि जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार कर विभाग की छवि धूमिल की है। उनका यह कृत्य न केवल शिक्षक के कार्य एवं दायित्वों के प्रतिकूल है बल्कि सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का भी उल्लंघन किया गया है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर प्रभारी प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए ब्लॉक संसाधन केन्द्र फूलपुर से सम्बद्ध किया गया है। निलम्बन प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी फूलपुर विश्वनाथ प्रजापति को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

क्‍या बोले विधायक

इस बारे में करछना के विधायक पीयूष रंजन निषाद ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के पहले बूथ अरैल में रविवार को प्रधानमंत्री के मन की बात एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती का कार्यक्रम था। प्राथमिक विद्यालय अरैल की कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका ने अभद्रता करते हुए कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया। मैंने काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। उन्होंने किस मानसिकता के तहत के यह किया नहीं पता।