जंगली जानवरों से द्रोणाचंल कॉलोनी के रहवासी हो रहे परेशान

भोपाल

राजधानी के मध्य में मिलिट्री एरिया में बसी द्रोणाचंल कालोनी के पास के जंगल के सियार और जंगली सुअर यहां के रहवासियों के लिये एक बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं। यहां पर जंगली जानवरों के हमले में सात साल के मासूम की मौत के बाद वन विभाग की टीम अब द्रोणाचंल आर्मी कैंप और उसके आसपास सर्चिंग और पेट्रोलिंग कर रही है। जिस जगह पर रितेक पर हमला हुआ था वहां पर विभाग पिंजरा लगाने की तैयारी में है। टीम को इस इलाके में 500 से अधिक जंगली सुअर और 200 सियार होने का पता चला है। इससे पहले भी यहां पर भालू और सियार स्थानीय लोगों पर हमला कर चुके हैं।
 क्या है वन विभाग की एडवायजरी : आर्मी एरिया में बाहरी सुरक्षा के अलावा भी भीतर भी अलर्ट रखना जरूरी है। यहां पर आदमखोर प्राणियों के मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने एडवायजरी जारी की है। वन अफसरों ने आर्मी कैंप के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे इलाके में सीसीटीवी लगाने के साथ लोगों को अकेले न निकलने देने की बात कही है।

आज भी चली गश्त
वन विभाग ने आज भी यहां गश्त की और पटाखे फोड़ कर वहां जानवरी की सर्चिंग की। भोपाल फारेस्ट सर्किल के सीसीएफ रवींद्र सक्सेना का कहना है कि यह हाई सिक्योरिटी वाला इलाका है। इसके आसपास कई झाड़ियां और पेड़ हैं। यहां जंगली जानवर आसानी से छिप जाते हैं। कैंपस में कुछ जगह बाउंड्रीवॉल टूटी हुई है, उसे दुरुस्त कराने के लिए कैंप के अफसरों से कहा है। टीम को जंगली सुअर और सियार भी दिखाई दिए हैं। इनके सतर्क रहना होगा। वहां पर रात के 11 बजे बच्चे कैसे खेलते घूमते रहते हैं यह भी देखना होगा।  बच्चे के पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट मिल गई है। जंगली जानवर के हमले से मल्टीपल इंज्युरी होने एवं अत्यधिक रक्तस्त्राव से उसकी मौत हुई है। उसकी मां को मुआवजे के चार लाख रूपये दे दिए गए हैं।

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