भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं को वहां भेजेगी, जहां से पिछले चुनाव में नहीं मिले थे वोट

भोपाल
भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं को अगले बीस दिनों के भीतर नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र के उन सभी घरों तक पहुंचना है जहां से पार्टी को वोट नहीं मिलते हैं। बीजेपी को इन वोटों को अपने पक्ष में लाने के लिए ऐसे वोटर के साथ संवाद करना है ताकि उनके मन में बीजेपी की नीतियों को लेकर विश्वास उपजे। वे केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के साथ पार्टी के लिए खुलकर सामने आएं।

भाजपा प्रदेश संगठन की बैठक में पिछले दिनों लिए गए फैसले के आधार पर अब जिलों में इसको लेकर मंडल और बूथ स्तर पर कवायद तेज हुई है। चूंकि पार्टी के ये कार्यकर्ता टिकट वितरण और नामांकन की प्रक्रिया से मुक्त हैं, इसलिए उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने के लिए कहा गया है। बूथ समितियों से कहा गया है कि बूथ समिति में शामिल महिला सदस्य महिलाओं पर केंद्रित सरकार की अधिकांश योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने के साथ उन्हें पार्टी हित में साथ लाएं।

चुनाव में महिला शक्ति का साथ हमेशा भारतीय जनता पार्टी को मिला है। इसलिए महिला सदस्य समाज की प्रभावी बहनों को पार्टी से जोड़ें। इसी प्रकार बूथ पर रहने वाले क्रिएटिव नौजवान युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का काम करें। बूथ समिति यह प्रयास करे कि हमें पिछले चुनाव में जिन घरों से वोट नहीं मिले, इस बार वहां से भी हमें समर्थन मिले। बूथ पर रहने वाले हर वर्ग का हमें समर्थन प्राप्त हो, इस दिशा में बूथ समिति कार्ययोजना बनाकर काम करे।

समाज के प्रभावी लोगों को पार्टी से जोड़ने पर कहा गया है कि बूथ के अंतर्गत रहने वाले रचनात्मक प्रवृत्ति के युवाओं को भी पार्टी की विचारधारा से जोड़ें।

पन्ना समिति की भूमिका महत्वपूर्ण
इस निर्णय में कहा गया है  पन्ना समिति को यह जानकारी रहती है कि उनके बूथ के कौन से वोटर हैं और कई बार इनकी विचारधारा का आकलन भी इन कार्यकर्ताओं को संवाद के दौरान होता है। इसलिए संगठन ने तय किया है कि जो वोट देते हैं, उनसे तो मिलना ही है जो भाजपा को वोट नहीं करने की विचारधारा वाले समझ में आएं, उनसे जरूर मिलकर संवाद करना है और पार्टी के बारे में चर्चा करना है।

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