कंफर्म सीट दिलाने का झांसा देकर ट्रेन के टॉयलेट में युवती के साथ की छेड़छाड़, अटेंडेंट गिरफ्तार

 कानपुर 

जयपुर से एयर हॉस्टेड का इंटरव्यू देकर लौट रही युवकी के साथ कोच अटेंडेंट ने ट्रेन के टॉयलेट में अश्लील हरकत कर दी। विरोध करने पर धमकाकर भाग गया। उस वक्त ट्रेन अछनेरा से आगरा फोर्ट के बीच थी। जयपुर पहुंचकर युवती ने जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहां से आगरा फोर्ट जीआरपी थाने को रिपोर्ट भेजी गई है। कोच अटेंडेंट गिरफ्तार कर लिया है। ये मामला 29 दिसंबर का है। घर जाने के लिए एक युवती अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस में सवार हुई थी। उसके पास वेटिंग टिकट था। एसी थ्री कोच में अटेंडेंट दीपक कुमार ने युवती को टिकट कंफर्म कराने का झांसा देकर ट्रेन में चढ़ा लिया। इसके बाद मौका देखते ही अटेंडेंट ने युवती के साथ ट्रायलेट में छेड़छाड़ की। 

जीआरपी ने मदद की बजाय कानपुर उतरने की दी सलाह

इस मामले में जीआरपी का असंवेदनशील रवैया सामने आया है। कानपुर जीआरपी ने युवती का मुकदमा दर्ज न कर उसे वापस जयपुर जाने को विवश किया। उसको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अछनेरा-आगरा फोर्ट के बीच चलती ट्रेन में युवती के साथ वारदात हुई। जब तक युवती कुछ समझ पाती, ट्रेन आगरा फोर्ट से निकल चुकी थी। युवती को चलती ट्रेन में एस्कॉर्ट वाले सिपाही मिले। उन्होंने उसकी मदद करने के बजाय उसे कानपुर में उतरने की सलाह दी। कानपुर में उतरी युवती मुकदमा दर्ज कराने जीआरपी थाने पहुंची। वहां पुलिसकर्मियों ने उसे जयपुर में एफआईआर कराने की कहकर टरका दिया। अकेली युवती कानपुर से दूसरी ट्रेन में सवार होकर जयपुर पहुंची और वहां मुकदमा दर्ज कराया। घटनास्थल आगरा फोर्ट जीआरपी थाने के अंतर्गत था तो विवेचना आगरा ट्रांसफर कर दी गई। दो दिन की विवेचना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई।

मेरी सहेली स्क्वॉड भी था गायब

आरपीएफ का महिलाओं की मदद के लिए बनाया गया मेरी सहेली स्क्वॉड भी युवती की मदद के लिए नहीं पहुंचा। आरपीएफ सहेली महिला यात्रियों की सुरक्षा, देखभाल के लिए बनाया गया है। यदि मेरी सहेली स्क्वॉड युवती को स्टेशन पर नजर आता तो निश्चित रूप से युवती उन्हें अपने साथ हुई घटना से अवगत कराती। लेकिन, स्क्वॉड की सदस्य कहीं नजर नहीं आईं।

चलती ट्रेन में एफआईआर दर्ज कराने का है प्रावधान

चलती ट्रेन में किसी यात्री के साथ आपराधिक घटना होती है तो उसे ट्रेन में मौजूद एस्कॉर्ट को जानकारी देकर मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार है। लेकिन, इस मामले में जीआरपी का दोहरा रवैया सामने आया। ट्रेन एस्कॉर्ट में मौजूद सिपाहियों ने युवती की एफआईआर दर्ज करने के बजाए उसे कानपुर उतरकर थाने में एफआईआर दर्ज कराने की बात कहकर टरका दिया। चलती ट्रेन में एफआईआर दर्ज हो जाती तो आरोपी उसी दिन पकड़ में आ जाता। वहीं इस मामले में एसपी रेलवे मोहम्मद मुश्ताक ने बतया कि चलती ट्रेन में एफआईआर का प्रावधान है, लेकिन युवती ने ट्रेन में मौजूद एस्कॉर्ट को अपने साथ हुई छेड़छाड़ की जानकारी नहीं दी। कानपुर में भी वह जीआरपी थाने तक नहीं पहुंची। अपने मित्र की सलाह पर उसने जयपुर पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। आगरा जीआरपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।